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| सौर ज्वाला! सूर्य पर आया चुंबकित तूफान। सूर्य के ग्यारह-वर्षीय चक्र के गुज़रने के दौरान ऐसी सौर हलचलें देखी गईं। |
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| पृथ्वी पर सूर्य से निकलने वाली चुंबकिय सौर वायु द्वारा उत्पन्न ध्रुविय ज्योति। सूरज के कणों के धरती के वातावरण से टकराने और बिजली से वायु के आवेशित होने से होने से ध्रुवीय प्रकाश पैदा होता है |
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| अन्य ग्रहों पर भी ध्रुवीय प्रकाश पैदा होता है। जैसे कि बृहस्पति और शनि पर। यह यूरेनस और नेपच्यून ग्रहों पर भी देखा गया है |
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| धरती के व्यास से तीन गुणा बड़ा यह है बृहस्पति का विशाल लाल धब्बा । माना जाता है कि यह विपरित चक्रवातीय तूफ़ान कम से कम 300 साल से मौजूद है |
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| मंगल पर धूल के तूफ़ान कुछ ही घंटों में उठ सकते हैं और पूरे ग्रह को कई दिनों पर अपनी चपेट में ले लेते हैं। |
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| यह तूफ़ान शनि के विशाल, रहस्यमयी भाग में उठा था। इसे षटकोण कहा जाता है। यह षटकोण धरती के दो तिहाई हिस्से के बराबर चौड़ा है। |
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| शनि ग्रह के उत्तरी ध्रुव पर उठे 2,000 किलोमीटर तक फैले विशाल तूफ़ान का केंद्र। इस तूफ़ान के बादल सैकड़ों मील प्रति घंटे की रफ़्तार से घूम रहे थे |
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| शनि के सबसे बड़े चंद्रमा, टाइटन, पर बारिश का दृश्य। लेकिन यहां बारिश मिथेन और अन्य हाइड्रोकार्बन्स का मिश्रण होती है |
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| हवा के दबाव से घूम रहे 2एमएएसएसजे22282889-431026 नाम के इस बादल की तस्वीरें स्पिज़र और हबल टेलीस्कोप से ली गई हैं। माना जाता है कि ग्रह के आकार के इस भूरे बादल का मौसम बृहस्पति जैसा हो सकता है |









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